कुछ लोग मजबूरी में किसी से मदद ले लेते हैं,
और कुछ लोग उसी मजबूरी का फायदा उठा लेते हैं।
परेशानी तो कुछ समय की होती है,
मगर एहसान जिंदगी भर का बना दिया जाता है।
मदद के नाम पर कोई अपना स्वार्थ निभाता है,
तो कोई उसी मदद का बोझ उम्र भर उठवाता है,
काश! लोग मदद को इंसानियत का धर्म समझते,
न कि किसी की मजबूरी को अपना अधिकार समझते।
सच्ची मदद वही है, जो इंसान को सहारा दे,
न कि उसकी मजबूरी को उम्र भर का बोझ बना दे।
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