आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

न कि उसकी मजबूरी को उम्र भर का बोझ बना दे।

                
                                                         
                            कुछ लोग मजबूरी में किसी से मदद ले लेते हैं,
                                                                 
                            
और कुछ लोग उसी मजबूरी का फायदा उठा लेते हैं।

परेशानी तो कुछ समय की होती है,
मगर एहसान जिंदगी भर का बना दिया जाता है।

मदद के नाम पर कोई अपना स्वार्थ निभाता है,
तो कोई उसी मदद का बोझ उम्र भर उठवाता है,

काश! लोग मदद को इंसानियत का धर्म समझते,
न कि किसी की मजबूरी को अपना अधिकार समझते।

सच्ची मदद वही है, जो इंसान को सहारा दे,
न कि उसकी मजबूरी को उम्र भर का बोझ बना दे।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर