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ठण्डक का मौसम

                
                                                         
                            आया ठण्डक का मौसम
                                                                 
                            
पक्षी पत्तों में दुबक रहे
बंदर के बच्चे फुदक रहे
नन्हा पिल्ला देखो कैसे
माँ से चिपटा बैठ रहा
‘बचकर रहना ठण्डक से’
अपने बच्चों से सिंह कहा।
सब प्रयास में रहें गरम
आया ठण्डक का मौसम ।

सबके स्वेटर निकल गये
साल रजाई आए बाहर
दादा - दादी, नाना - नानी
सुबह-शाम को ओढ़ें चादर
हम भी जब बाहर को निकलें
पूरे कपड़े हों तन पर ।
भले फटे हों टोपी-स्वेटर
करना नहीं शरम ।
आया ठण्डक का मौसम ।।
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44 मिनट पहले

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