क्या खूब रही अपनी जोड़ी,
जिसको हमने कभी ना तोड़ी
हम भाई-बहना का प्यार,
विस्तृत इतना जितना संसार
यही प्यार हर दिल में उमड़े,
हर जीवन के संग
सुंदर-सुखी संसार बने
यह,स्नेह-रश्मि के संग।
बच्चे कल के भाग्य विधाता,
निर्भर हम पर सारा जग है,
मार्ग कठिन हो कितना भी
पर, रुकता नहीं हमारा पग है।
हँसी-खुशी मिल बढ़ते रहना,
यही बात सर्वत्र कही
हर मुश्किल में हँसते रहते,
अपनी जोड़ी खूब रही ।।
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