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खूब रही अपनी जोड़ी

                
                                                         
                            क्या खूब रही अपनी जोड़ी,
                                                                 
                            
जिसको हमने कभी ना तोड़ी
हम भाई-बहना का प्यार,
विस्तृत इतना जितना संसार
यही प्यार हर दिल में उमड़े,
हर जीवन के संग
सुंदर-सुखी संसार बने
यह,स्नेह-रश्मि के संग।

बच्चे कल के भाग्य विधाता,
निर्भर हम पर सारा जग है,
मार्ग कठिन हो कितना भी
पर, रुकता नहीं हमारा पग है।

हँसी-खुशी मिल बढ़ते रहना,
यही बात सर्वत्र कही
हर मुश्किल में हँसते रहते,
अपनी जोड़ी खूब रही ।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 घंटे पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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