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छोटे-बड़े, विद्वान, अबोध, सभी गए हर्षाई ।

                
                                                         
                            हाथी दादा का हथिनी दादी से, होने चली सगाई।
                                                                 
                            
गधेराम ने गाना गाया, मेंढक ने ढोल बजाई ।
सभी जानवर मिलकर नाचे, देने लगे बधाई ।
राजा शेर ने खुश हो करके, बांटी खूब मिठाई ।

बंटी बंदर ने मंत्र बोलकर, सारी रश्म निभाई।
हथिनी ने हाथी दादा को, सुंदर जयमाल पहनाई।
खग-कुल ने तब आसमान से, खूब फूल बरसायी ।
छोटे-बड़े, विद्वान, अबोध, सभी गए हर्षाई ।
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46 मिनट पहले

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