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महको विश्व चमन में

                
                                                         
                            फूल सभी हँसते रहते हैं,
                                                                 
                            
इन फूलों से हँसना सीखो।
नाजुक फूलों की डाली से,
प्यारे बच्चों झुकना सीखो ।।

होते फूल बहुत ही नाजुक,
इनको तुम ना तोड़ो।
महकोगे तुम भी फूलों सा,
यदि इनसे नाता जोड़ो ।।

हँसते रहकर कंटक बीच,
जीना तुमको बतला देंगे।
कष्टों में भी हँसकर जीना
ये तुमको सिखला देंगे ।।

रंग-बिरंगे होते फूल,
मस्ती से इठलाते ।
सुख-दुःख में रहना है सम,
ये हमको बतलाते ।।

तुम भी महको फूलों सा,
खुशबू उड़े गगन में ।
तुम पुष्प भारत-बगिया के,
महको विश्व चमन में ।।

फूल पवित्रता के प्रतीक हैं,
फूल प्रसन्नता के सूचक।
वही प्रसन्नता और पवित्रता,
अंतःस्थल में अपने रख ।।
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54 मिनट पहले

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