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आज सुबह एक चिड़िया उड़कर

                
                                                         
                            आज सुबह एक चिड़िया उड़कर
                                                                 
                            
मेरे छत पर आई
जी भर उसने इधर-उधर
लम्बी दौड़ लगाई ।
फुदक-फुदक कर, उचक-उचक कर
ठुमका खूब लगाई
जो भी आया जी में उसके मीठे सुर में गाई।
फिर छतपर बिखरे दानों को
चुन-चुन उसने खाई
आज सुबह एक चिड़िया उड़कर
मेरे छत पर आई।।
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57 मिनट पहले

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