भीषण गरमी में जी अकुलाए
हों लें ताजा खूब नहाएं
करें छपाक कूदकर जल में
छू-मंतर हो गरमी पल में
पशु-पक्षी नर सब व्याकुल हैं
ठण्डक पाने को आकुल हैं
देखो भैया ! बचकर रहना
मुश्किल है अब गरमी सहना।
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