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भूकम्प है

                
                                                         
                            पापा देखो क्या हो रहा,
                                                                 
                            
हिल रहा है घर आंगन ।
धरती हिलती, खम्भे हिलते,
हिल रहे सारे तरु गण ।।

पंखा, झालर, गागर हिलते
बरतन करते खन-खन-खन।
अपना-अपना घर छोड़कर,
भाग रहे क्यों सारे जन ?

टीवी, कूलर, फ्रीजर हिलते,
हिल रहा पूरा कमरा ।
ये कैसा चमत्कार हो रहा
मुझे बताओ आप जरा ।।

जल्दी घर से बाहर निकलो,
देखो आया है भूकम्प ।
हाथ पकड़ लो बेटा मेरा,
चलो लगाते छत से जम्प।।

हलचल होती धरा के नीचे,
आता मुन्ने तभी भूकम्प।
तहस-नहस सब हो जाता,
जब भी होती धरा में कम्प।।
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55 minutes ago

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