धूप में निकलो तन ढक कर
पड़े रंग ना काला
धूप नहीं ये भुवन–भाष्कर
उगल रहें हैं ज्वाला
बच के रहना जीवन में
प्रतिपल खुशियां मिले अपार
चलो सुरक्षित पाओगे तुम
बड़ा ही सुंदर है संसार।
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