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आम फलों का राजा

                
                                                         
                            आम बहुत मीठा होता है,
                                                                 
                            
कहते फलों का राजा।
तुम भी थोड़ा चख लो इसको,
चल जल्दी से आ जा ।।

गुणकारी भी होता आम,
बात मेरी तुम मानो।
खाओ इसको सुबह–शाम,
दवा इसे तुम जानो ।।

दशहरी, कपुरी, चौसा आम
लंगड़ा, तोतापरी भी आते काम ।
अनेक प्रजातियां हैं इनकी,
भांति–भांति के नाम ।।

होते बहुत रसीले आम,
कुछ हरे कुछ पीले आम।
कुछ कड़े कुछ ढीले आम,
तन को करे गठीले आम ।।

भूप रंक सब खाते आम,
सबके मन ललचाते आम ।
आलस दूर भगाते आम,
खोई शक्ति दिलाते आम ।।

हम बच्चों को भाते आम,
विविध भांति जो आते काम।
कच्चे पक्के खाते आम,
झोले भर घर लाते आम।।
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3 घंटे पहले

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