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बाजारों की रौनक

                
                                                         
                            प्रकाश पर्व दीपोत्सव आया,
                                                                 
                            
दीपावली ने अपना रंग जमाया।।

बाजार दुल्हन की तरह सज गए,
अपने रंगों से सबके दिल महके।।

बाजारों में विशेष रोनक छाई,
व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान
आई।।

व्यापारी कई तरह के ऑफर
दे रहे,
ग्राहकों को लूफा अपनी दुकानें
सजा रहे।।

त्यौहारों की रौनक में मिठाईयां
पकवानों की सुंगध से घर गलियारे
महक रहे,
त्योहार अपनी रंगत जमा रहे।।

रंग बिरंगी परिधान महिलाओं
को लुभा रहे,
फुलझड़ी , चकरी,रॉकेट से
बच्चे दीपोत्सव की धूम मचा
रहे।।

पटाखों के भावों,महंगाई से
मध्यम वर्ग जूझ रहा,
दीपावली के इस पावन पर्व
पर हर भारतवासी झूम रहा।।
-संध्या शर्मा "श्रेष्ठ"
 
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एक वर्ष पहले

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