आज आनंद भयो है भारी,झूमे हर बृजवासी।
मथुरा में हरी जन्म लियो है, आनंदित धरती सारी।।
कंस का अत्याचार खत्म है, वे की आ गई बारी।
प्रगट भये देवकीनंदन , लगे सूरत अति प्यारी।।
-संध्या चतुर्वेदी
मथुरा, उप
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