तारीफ है इकरार की
तारीफ है इजहार की
तारीफ है अभिव्यक्ति की
तारीफ है तकरार की
तारीफ है इस मेल की
तारीफ है इस खेल की
तारीफ है इस खिलखिलाते
उमड़ते कुलेल की
तारीफ है पूर्वार्द्ध की
इंतजार है उत्तरार्ध का
नदी यों ही बहती रहे
न सामना हो बाँध का
-संदीप सिंह कुँवर
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