हमें बेशक है आपसे मतभेद
किंचित नहीं उसका कोई खेद
बिल्कुल नहीं पसंद ऐसा छेद
जिससे होकर सगे रिश्ते भी
पानी की तरह बह जाएं
-कुँवर
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