माँ तेरी महिमा सदा गाते हैं,
सारे वेद पुराण
भय से काँप जाते राक्षस माँ,
देख तेरा कृपाण
प्राणमयी ऊर्जा भक्तों कों,
असुरों को निष्प्राण
चरण वंदना तेरी मइया,
जब तक तन में प्राण
माँ शेरवाली की जय!
-कुँवर
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X