जो चेहरा नजर डालने के लायक नहीं
उस चेहरे को बुरी नज़र कैसे लगेगी
जिसने ठगा सबको जो जाल में आया
उससे ये दुनिया भला कुछ कैसे ठगेगी
-कुँवर
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