जिसे लगे गैर अपनों से भी प्यारा
छूट जाए अपना घर बार सारा
समझ लो वह शख्स है तब
दीवानगी की हद पर
कुछ भी कर गुजरने को
हो गया है तत्पर
-कुँवर
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