अधिकतर फंसे हैं दो के विकल्प में
मन उड़ रहा है ख्वाबों के गल्प में
हकीकत से जब भी होगा सामना
रो-रो के पड़ेगा तब माफी मांगना
हर कोई अलग है दो एक नहीं हैं
फंसना दो दो में कभी नेक नहीं है
-कुँवर
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