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बदबू गुलाब से

                
                                                         
                            आने लगे जब भी बदबू गुलाब से
                                                                 
                            
समझो उसने आब सारा खो दिया है
जिसने उसे सँवारा था खुशबू ख़ातिर
आत्मा ने उसके भी अब रो दिया है
तोड़ नाता तने से भौरे को सुलाए
रिश्तों के क़त्ल के बीज बो दिया ही
कैसे नहीं मरती तेरी आत्मा कुँवर
त्वचा का मोटापा कितना हो गया है

- कुँवर संदीप सिंह
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14 घंटे पहले

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