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आसान नहीं इतना

                
                                                         
                            उसको मालूम है कितना
                                                                 
                            
कहाँ से हो रहा नुकसान
आदत से मजबूर हो चुका
बन रहा है अब अनजान
फंसना जाल में आसान है
मुश्किल है निकल पाना
आसान नहीं इतना
मुट्ठी में करना जमाना
-कुँवर
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23 मिनट पहले

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