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मिलने आ रहे हैं।

                
                                                         
                            पुराने दोस्त मिलने आ रहे हैं।।
                                                                 
                            
सुना है रक्स करने आ रहे है।।
गली के मोड़ पे देखा पलटना,,
क्या वो दिल बदलने आ रहे हैं।।
मुझे मालूम है हर हाल अपना,,
मयकदे में संभलने जा रहे हैं।।
शिगुफ़्ता दीदा ए तर हो गई है,,
क्या आँसू मुस्कराने आ रहे हैं।।
क्या कहुँ तीर ए नीम-कश को,,
कहानी को दोहराने आ रहे है।।
एक मुद्दत हुई जिस हादसे को,,
याद उसको दिलाने आ रहे हैं।।
सितारों में ये कैसी रोशनी है,,
चाँद को घर बुलाने आ रहे हैं।।
आज साँसे थमी सी लग रही है,,
क्या मुझको जलाने आ रहे हैं।।
निसां पैरों के हल्के पड़ गए देव,,
मेरी सिलवट बढ़ाने आ रहे हैं।।
-सुनील देव
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41 मिनट पहले

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