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अकेले चलना सीख लिया है

                
                                                         
                            अकेले चलना सीख लिया है,
                                                                 
                            
दर्द में हँसना सीख लिया है।
टूटे दिल को जोड़कर मैंने,
ख़ुद से जुड़ना सीख लिया है।

सबके ग़म को अपना माना,
सबको अपना दर्द सुनाया।
जब मेरी आँखें नम हुईं तो,
कोई पास न मेरे आया।

अब न किसी से आस रखूँगा,
न झूठे एहसास रखूँगा।
जो समझेगा ख़ामोशी मेरी,
बस उससे ही बात करूँगा।

गिरकर उठना सीख लिया है,
ख़ुद पर चलना सीख लिया है।
दुनिया चाहे साथ न दे अब,
ख़ुद का बनना सीख लिया है।

आज अकेला, कल चमकूँगा,
हर मुश्किल से आगे बढ़ूँगा।
वक़्त भले ही साथ न दे अब,
ख़ुद के दम पर नाम करूँगा।
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3 घंटे पहले

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