एकतरफ़ा वादा,
और दोतरफ़ा दिल।
किसी की निगाहें और किसी का हुस्न।
कहीं जिस्म की दिलकशी,
तो कहीं प्यार की तलब।
इस रंजिश में न जाने कितने बिखर रहे,
ज़माने दिखा रही उम्र बीते नज़ारे ।
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