मैंने वादा किया था माँ से कि नशे से कोई वास्ता न रखूँगा,
पर उसकी आँखें क्या देख लीं, मैं गुनहगार हो गया अपनी जननी का।
मैं कभी अपने गुरु का एक अत्यंत होनहार छात्र था,
पर उसकी बिखरी जुल्फें और वह सादगी भरा मुखमंडल, मैं लफ़्ज़ों में बयां न कर सका।
मैंने सदा संसार से सुना था कि अप्सराएँ केवल आसमान में रहती हैं,
पर जब मैंने उसे देखा, तो मैं इस संपूर्ण कायनात से गिला कर बैठा।
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