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रक्षक छत

                
                                                         
                            रक्षक छत
                                                                 
                            

छत पर बहती सुहानी
हवा का मज़ा लेकर,
सुबह और शाम को
आसमान की सुंदरता देख,
खूबसूरत पक्षियों और दूर के
हरे-भरे पेड़ों को देख,
आनन्द से पतंग उड़ाके ,
दूर बच्चो को मस्त होकर
मैदान मे खेलते हुये देख ,
लोग नयी ऊर्जा पाते है ।

पर छत मदद माँगने की
जगह भी हो सकती है ,
नेपाल में अनेक लोग ग्लेशियर
फटने से त्रिशूली नदी में आई
अचानक बाढ़ के कारण ,
ऊँचे पानी के लहरो से बचने के
लिए घर की उपरी मंज़िल
की छत पर चले गए थे,
लोगों का खाना, पानी और
कीमती समान सब बाढ़ के
पानी और कीचड़ में बह गए थे,
वे हेलीकॉप्टर से आ रही
राहत टीमों का ध्यान खींचने के
लिए हवा में लाल कपड़ा लहरा रहे थे।
-सुबीर कुमार भट्टाचार्य
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33 मिनट पहले

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