हमारी प्राथमिकताएँ
एक मेट्रो या
सात सौ पचास खाद कारखाने
इंदौर में मेट्रो स्थापित करने मे
लागत 7500 करोड़ रुपये हुआ ,
अखबारों की रिपोर्ट के अनुसार
चार महीनों में टिकटों से
लगभग 20 लाख रुपये
की राशि प्राप्त हुआ ,
पर इसके रखरखाव
के लिए बिजली बिल
के रूप मे 80 लाख
रुपये का भुगतान हुआ ,
60 लाख घाटा हुआ।
अगर पूरी तरह से उन्नत
उर्वरक संयंत्र या
एक खाद कारखाना का
विकल्प चुना गया होता ,
तो लागत 10 करोड़ रुपये होती
लोगो को रोजगार भी देते,
किसानो को भी लाभ होता ।
7500 करोड़ मे 750
खाद के कारखाने हो जाते,
टी वी मे किसानो को घंटो
खाद लेने के लिये खड़े
देखना नही पड़ता,
अनेक रोजगार भी सृजित होते ,
समय आ गया है हम लोग
विदेशो का नकल न करके
हमारी सही प्राथमिकताएँ तय करे।
-सुबीर कुमार भट्टाचारजी
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