प्रकृति हमसे नहीं,हम प्रकृति से है
यही कथन सच्चा है
प्रकृति है माँ हमारी
मानव प्रकृति का बच्चा है।
नदी,पर्वत,वन,जल,भूमि,वायु आदि
ये प्रकृति के अंश है
इनके शोषण का परिणाम
सम्पूर्ण सृष्टि का विध्वंस है।
प्रकृति के अंशों का शोषण
प्रकृति के नियमों का परिहास है
प्रकृति के नियम तोड़ने का परिणाम
सम्पूर्ण धरा का विनाश है।
रुद्र प्रताप सिंह
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