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एक भविष्यवाणी हुई,मृत्यु है बहुत समीप

                
                                                         
                            एक भविष्यवाणी हुई,मृत्यु है बहुत समीप
                                                                 
                            
काल चक्र के चक्र से हुआ कंस भयभीत
पापों का घड़ा है भर गया,आ रहा है काल
तेरा वध करेगा, देवकी का आठवाँ लाल
मोटी जंजीरों में बांध कर, देवकी वासुदेव को
रोकने चला था कंस , तीनों लोक के देव को,
क्या जंजीरे रोकेंगी,क्या क़ैद करेंगी दीवारें
नींद में भी मौत का भय करे कंस की पुकारें
कृष्ण का जन्म हो गया था रोहिणी नक्षत्र में
जिनकी रक्षा स्वयं करें शेषनाग अपने क्षत्र से
आ गए हैं नंद में यशोदा नंद के लाल
बोलो जय कन्हैया लाल,बोलो जय कन्हैया लाल”
—रोहित तिवारी
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14 मिनट पहले

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