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ओ री चिरैया

                
                                                         
                            ओ री चिरैया, उठा तेरा तिनका
                                                                 
                            
बनाले कहीं और तू घोंसला

हवाओं से ऊंचा तू रखना हमेशा,
मेरी चिरैया तेरा हौंसला
जो भी तिनके उठाना,
वो दिल से उठाना
मोहब्बत से अपनी दुनिया सजाना
चहकता रहे ये तेरा घोंसला

ओ री चिरैया, उठा तेरा तिनका
बनाले कहीं और तू घोंसला

कभी दुख के बादल जो सर पे मंडराए
निराशा कभी जो तुझे घेर जाए
तू डटकर के लड़ना,
पहाड़ों सा रखना तेरा हौंसला

ओ री चिरैया, उठा तेरा तिनका
बनाले कहीं और तू घोंसला

रहूं ना रहूं कल, मगर याद रखना
अच्छा बुरा जो हो पहले परखना
बचे तो बचाना, नहीं लौट आना
खुला हे हमेशा बाबा का घोंसला

ओ री चिरैया, उठा तेरा तिनका
बनाले कहीं और तू घोंसला
- रोहित रम्ज़
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एक वर्ष पहले

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