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फ़रेबी इश्क़

                
                                                         
                            दिल का काम तमाम किया है
                                                                 
                            
धड़कन ने आराम किया है

इश्क़ इबादत दीवानों की
धोखे ने बदनाम किया है

गाँब गली सब सदमे में है
रातों रात गुलाम किया है

ढूंढे कातिल हर दिल मे वो
जिसने कत्लेआम किया है

दौलत की नाज़िश में तूने
रिश्तों को नीलाम किया है

तन्हाई ने कुछ दिन से तो
जीना यार हराम किया है

आज विधायक जी आयेंगे
छमियां का इंतेज़ाम किया है

दीवाना दिल गुस्ताख़ तिरा
ये दिल तेरे नाम किया है

- रोहित गुस्ताख़,दतिया
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एक वर्ष पहले

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