निगाहें तिरछी करके
दिलों को भेद देते हो,
सुनहरे सपने दिखा कर
मन को मोह लेते हो,
ये खूबी है की
साजिश कोई,
निगाहे मिला कर तुम
मुंह मोड़ लेते हो।।
- रितेश इंद्राश
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