आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हम हिंदुस्तानी

                
                                                         
                            हमारी तो ये है कहानी
                                                                 
                            
छाती ठोक कर कहते हैं
हम हैं हिन्दुस्तानी
जो सिर्फ देश के लिए जिया ,यहां वो कलाम है
नींव इस देश की ,वो एक किसान है
इस देश पर तो कुर्बान लाखों जान है
ढाल इस देश का ,यहां का जवान है
यहां हर राम में छिपा एक रहमान है
यहां तो हिन्दू भाई का नाम भी खान है
यहां की गीता में भी क़ुरान है
यहां तो हर नमस्ते मे भी सलाम है
और अल्लाह ,.......वो ही तो भगवान है
यहां इसाइयों के भी गुराबान हैं
ये तो एकता का एक जहान है
तिरंगा ही यहां हम सब की शान है
यहां की बलि में भी होती कुर्बानी
गर्व से कहते हैं हम ,हम हैं हिन्दुस्तानी

- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर