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मेरी मां

                
                                                         
                            मेरे हर क्षण में शामिल
                                                                 
                            
मेरे जीवन की शिल्पकार है मां
बन कभी मास्टर शेफ
सैकड़ों लज़ीज़ व्यंजन खिलाती
बन जाती कभी फैशन डिजाइनर
मुझको सुंदर ड्रेसेज में सजाती
पढ़ाती है नये पाठ मुझे
बन गुरू हर मुश्किल हल कर जाती
कभी शिक्षक कभी फैशन डिजाइनर
मास्टर शेफ तो कभी कहानीकार
हर रूप में साकार है मां
मुझे हर आपदा से बचाती
हर क्षण तत्पर है मां
मेरा वजूद है उसी से
मेरे लिए भगवान है मां
मेरी हर मुश्किल हल कर जाती
कोई जादूगर है मां
घर बाहर सब सम्हालने वाली
मेरी सुपर माॅम है मां
मेरी ताकत है
मेरी खुशी है
मेरी हर अच्छी आदत में
शामिल है मां
महफ़िलों की जान है
घर की रौनक है मां
हम सभी का ध्यान रखती
हम सब की लाइफ लाइन है मां
दया की मूर्ति है दान में कर्ण है
आसमां सी विस्तृत धरती सी धैर्यवान है मां
सबको अपने प्रेम में समाहित करती
समंदर सी गहरी है मां
मेरा जीवन युद्ध न लड़ कर भी
मेरे हर युद्ध में शामिल कृष्ण है मां
दुनिया से प्यारी
मेरी सबसे निराली है मां


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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