हुई प्रमुदिता अयोध्या गाए मंगल गीत
शंखनाद शुभ मांगलिक जगमग मंगल दीप
पूर्ण हुआ वनवास अब पधारें कौशलेंद्र
प्रभु के जय जयकार से , गूंजा पूरा देश
सज सोलह श्रृंगार कर स्वागतार्थ सियराम
पलक बिछाए जोहती मय अवधपुरी अनुराग
सुख शांति समृद्धि की छाई आभा चहुं ओर
लक्ष्मी संग लक्ष्मीपति प्रभु आए निज धाम
माताएं हर्षित खड़ीं आतुर हृदय लगाएं लाल
साधुसंत समुदाय सुखी देख छवि अभिराम
मना रहे दीपावली संग पूजित संत समाज
आलोकित सरयू नदी हर्षित प्रभु दास हनुमान
सदियों के तप त्याग का फलित हुआ है आज
हुआ राष्ट्र फिर राममय , पूर्ण हुआ अरमान
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