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मेरी जिंदगी के अफ़साने

                
                                                         
                            भगवान से जीत माँगने का अंदाज़ बदलना होगा,
                                                                 
                            
अपने पसीने से हर ख़्वाब को गढ़ना होगा।
वो रास्ते के काँटे हटाने का हौसला देगा,
मंज़िल तक तुम्हें अपने क़दमों से बढ़ना होगा।

चेहरे की मुस्कान में किरदार नज़र आता है,
कौन कितना अपना है, व्यवहार नज़र आता है।
हँसना तो हर किसी को महफ़िल में आता है,
दर्द में भी जो हँसे और हँसाये, वही दिल जीत जाता है।

प्रार्थना में प्रेम हो, कोई व्यापार नहीं होना चाहिए,
झुका हो सिर मगर आत्मसम्मान नहीं खोना चाहिए।
रब से माँगो तो अपने हिस्से का हौसला माँगो,
हर मुश्किल में लड़ने का भरोसा माँगो।

इबादत में मोहब्बत हो, शिकायतों का हिसाब न हो,
रब से रिश्ता ऐसा हो, जिसमें डर का नक़ाब न हो।
भिखारी बनकर नहीं, प्रेमी बनकर पुकारो उसे,
जहाँ प्रेम सच्चा हो, वहाँ माँगने का दबाव न हो।

हाथ में हुनर हो, आँखों में ख़्वाब होना चाहिए,
दिल में प्रेम और इरादों में सैलाब होना चाहिए।
रब पर भरोसा रखो, मगर कर्म से मुँह न मोड़ो,
जीतना है अगर तो ख़ुद से रिश्ता जोड़ो।
-रतन कुमार कैथवास
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एक घंटा पहले

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