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काम ही उनकी पहचान

                
                                                         
                            रिवॉल्वर की मिसाल हो या किरदार की पहचान,
                                                                 
                            
ऊँची क़ाबिलियत को नहीं चाहिए शोर की दुकान।

जो सचमुच ताक़तवर हैं, वो ख़ामोशी से असर रखते हैं,
उनके काम ही दुनिया में उनकी पहचान रखते हैं।

बादल कहाँ बरसेंगे, ये हवाओं का मिज़ाज तय करता है,
कौन कितना ताक़तवर है, ये वक़्त का अंदाज़ बताता है।

शोर मचाकर अपनी ताक़त का ऐलान मत कर,
असली हुनर तो ख़ामोशी में भी तूफ़ान उठाता है।

हर चमकती चीज़ में बिजली का असर नहीं होता,
हर ऊँची आवाज़ में ताक़त का हुनर नहीं होता।

जो अपने वजूद से दुनिया को हिला देते हैं,
उनके इरादों को किसी शोर की ज़रूरत नहीं होती।

अपनी ताक़त का ढिंढोरा पीटना कमज़ोरी है,
असली सिकंदर का हर क़दम ख़ुद एक ख़बर होता है।

ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी समझने की भूल न करना,
हर बंद किताब को अधूरा उसूल न समझना।

कुछ किरदार बिना आवाज़ इतिहास लिख जाते हैं,
हर जीत के लिए मैदान में शोर ज़रूरी नहीं होता।

ताक़त का सबूत देने को शोर मचाना ज़रूरी नहीं,
कुछ लोगों के काम ही उनके सबसे बड़े हथियार हैं।
-रतन कुमार कैथवास
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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