थोड़ा सरफिरा हो, तो भी नहीं कोई ऐतराज़ है,
बस बातों में हँसी हो, दिल में कुछ अंदाज़ है।
हर बात को गंभीरता से लेना भी क्या कमाल,
ज़िंदगी है जनाब, कोई अंतरास्ट्रीय सवाल नहीं… मज़ाक भी लाज़िमी है।
कभी बेवजह मुस्कुरा लो, इसमें भी क्या मलाल है,
हर रोज़ हिसाब लगाना भी भला कैसा बवाल है।
जो मिला उसे जी लो, जो गया उसे जाने दो,
कल की चिंता छोड़ो, आज ही तो असली धमाल है।
थोड़ी मस्ती आँखों में हो, होठों पर सवाल है,
दिल अगर बच्चा रहे तो उम्र किस बात की मिसाल है।
दुनिया चाहे कहती रहे, “कुछ तो सुधर जाओ जनाब,”
हमने कहा… पहले ज़िंदगी को पूछो, उसे भी यही कमाल है।
नाप-तौल कर जीने वालों का अपना ही हिसाब है,
कुछ रिश्ते चाय जैसे हों, गरम और लाजवाब,
और कुछ लोग बिस्कुट जैसे… टाइमिंग वाले,
टाइमिंग गड़बड़ तो, डूबकर गिर जायेंगे, इसका कोई जवाब है।
कभी बारिश में भीग जाएँ, कभी धूप में सुलग जायें,
कभी बिना वजह निकल पड़ें, यही तो ज़िंदगी का ख्वाब है।
जो पल हँसा दे चेहरे को, वही सबसे बड़ा खिताब है,
बाकी सारी दुनिया तो बस काग़ज़ों का हिसाब-किताब है।
-रतन कुमार कैथवास
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