तेरी ममता स्नेह को सहेजा है
मां एक पौधा तेरे नाम धरा पे रोपा है!!
जो प्यार भरे आँचल से सींचा मेरे जीवन को
वही प्यार इस पौधे को दे इक छांवदार वृक्ष बनाऊंगी
फिर इसी ममता की छांव में
सुनहरे पल बिताऊंगी!!
तेरे बांहों के झूले सा डालियों पे बनाकर झूला
ठंडी ठंडी हवाओं का आनंद उठाऊंगी!!
रह रह के जो याद तेरी आती है
देखके तेरा चेहरा इसमें मैं "रश्मि" मुस्कुराऊंगी!!
-रश्मि रावत
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