एक जीत की सुनहरी भोर के लिए
उम्मीदों से भरी अपनो के शोर के लिए
जाने कितने बार परे गिरना तो ग़म नहीं
चाहे परे रातों को जगना तो भी गम नहीं
चलना सीखा अभी तो गिरने का डर कैसा
हुनर है जीत का बस हौसला रखना ऐसा
तु लाख सितारो में ध्रुवतारा है ,
हाथों की लकीरों में किस्मत नहीं तुम्हारी
अपने मेहनत से तुम्हें इतिहास बनाना है ।
हारना गिरना पर तु रुकना नहीं ,
तेरे साथ खड़ी हु बस तू झुकना नहीं
पढ़ते रहो ...थकते रहो... बस रुकना मत
क्योंकि एक दिन तुम्हारी मेहनत
तुम्हारी कहानी खुद लिखेगी
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