देखी के दैलें मुस्काए हाय रे हाय ,
दिला में फूल फुटि जाए , हाय रे हाय
तोर सुंदर रूप देखी मनवा मोहाय ........
दिला में फूल फुटि जाए …....
कैश तोहर काली - काली पिंधले कनवा में बाली,
खोपवें गज़रा लगाय हाय रे हाय ,
देखी हमर मनवा लोभाय .......
दिला में फूल फुटि जाए ........
कजरारी नैना तोहर बाण चलाए, हाय रे हाय ,
दिला हमर घायल करी जाए ......
देखी के दैलें मुस्काए हाय रे हाय ,
दिला में फूल फुटि जाए .......
आवा हमनी हिया ले मिलाय हाय रे हाय
देखी के दैलें मुस्काए हाय रे हाय,
दिला में फूल फुटि जाए हाय रे हाय ..... ।।
- रंजीत कुमार महतो "गम्हरा"
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X