मछली पानी के अंदर रहते हुए सांस लेती है सदा अपने गलफड़े से,
जो होते हैं बगल में बस थोड़ी ही दूरी पर उसके अति सुंदर मुखड़े से,
अपनी पूंछ हिलाते हुए तैरती है इस प्रकार स्वतंत्रता पूर्वक कि लगता है,
पानी के बाहर से देखने वाला देख रहा है उसको किसी बंद पिजड़े से|
-मनस्व
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