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रावण तुम कब तक अपनी मनाओगे खैर जी

                
                                                         
                            अपने पाप और अहंकार के कारण सबसे और राम से भी बढ़ाने वाले अपना बैर जी,
                                                                 
                            
माता सीता को जबरन लंका में उठाकर लाने वाले कब तक मनाओगे अपनी खैर जी,
परम प्रतापी अयोध्यावासी प्रभु श्री राम से तुम युद्ध क्या करोगे, तुम्हारे सभी बाहुबली,
जब उठा नहीं सके उनके द्वारा भेजे गए इस दूत अंगद का जमीन में जमा ये पैर जी|
-मनस्व
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एक घंटा पहले

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