नवरात्र की नौ दिन की पूजा के बाद जिस माता की मूर्ति का होता है गंगा में विसर्जन,
और जिस माता की पूजा करके एक भक्त जीवन में सब कुछ कर लेता है अर्जन,
सचमुच वह माता जिसके हाथ पैर मुख और रूप भी हैं एक नही बल्कि अनेकों दर्जन,
राक्षस डरकर कांपने लगते हैं यदि प्यारी सी सूरत वाली यही माता कर दे जरा सी गर्जन|
-मनस्व
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