देकर खुशी खुशी अपने शीश का बलिदान जिन्होंने उतारी भारत मां की आरती,
चढ़ गए फांसी पर लगाते हुए नारा इंकलाब का और कहते हुए जय मां भारती,
ऐसे राजगुरु भगत सिंह और सुखदेव जिनके रग रग में बसी थी भारत की मिट्टी,
सचमुच इनको तो देश के लिए मरकर अमर होना ही था इन्हें भला ये मौत क्या मारती|
-मनस्व
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