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हाड़ मांस का पुतला

                
                                                         
                            जिस तरह से सत्य अहिंसा प्रेम मानवता की लड़ाई लड़ रहे महात्मा गांधी के छोटे से आग्रह पर,
                                                                 
                            
लाखों करोड़ों लोग एक साथ निकल पड़ते थे छोड़कर अपने रोजी रोजगार को सत्याग्रह पर,
देख अल्बर्ट आइंस्टीन जिनकी नजर रहती थी प्रकृति की रहस्यों पर सदा ने कहा कि आने वाली,
पीढ़ीयां विश्वास नहीं करेंगी कि ऐसा एक हाड़ मांस का पुतला भी रहता था इस छोटे से ग्रह पर|
-मनस्व
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56 मिनट पहले

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