एक ही ईश्वर के अनंत रूपों केऔर अनंत जन्मों की कहानियां सुनाते हुए अनंत जी,
थकते नहीं कभी और ऊबते नहीं कभी सुनाने वाले महात्मा साधु और संत जी,
सत्संग में भी बैठ कर सुनने वाले ईश्वर के परम भक्त श्रद्धालु जन को भी,
ईश्वर के अनेक जन्मों की अनेक कहानियों में से एक भी लगती नहीं मनगढ़ंत जी|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X