आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

भारत प्यारा देश हमारा

                
                                                         
                            भारत प्यारा देश हमारा
                                                                 
                            

जग में सुंदर सबसे न्यारा,
भारत प्यारा देश हमारा।
शीर्ष में जिसके पर्वतराज,
पहनाता बर्फ़ों की ताज।।

गंगा-यमुना हृदय में बसती,
विंध्य श्रेणियां कमर को कसती।
निर्मल सागर चरण को धोता,
पूर्वोत्तर है गौरव होता।।

वेद- ऋचाएं यहीं बनी थी,
हल्दी घाटी यहीं ठनी थी।
सुर कबीर कृष्ण गोपाला,
ध्रुव अहिल्या सती अपाला।
भारत प्यारा देश हमारा।।





- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
7 years ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर