हमें स्वयं की रुढिवादी भावनाओं का बलिदान करना होगा , हमें स्वयं ही इन अपनात्विक घातों से लड़ना होगा ,
हमसे से ऐसा कोई नहीं ग्रासित हो न जो अपनातत्व ,
किन्तु हममें से ही बहुतों ने त्याग प्रस्तुत किया है मानवता का महत्व !
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