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मेरे अल्फाज़

अब उठ चलो

Ramanand Yadav

95 कविताएं

197 Views
अब उठ चलो , भोर हुआ , उजियारा चहुओर हुआ, सोने से कुछ नहीं होने वाला ,
रोने से कुछ नहीं होने वाला, छोड़ो अब बाट की पहचान, अनुसंधान होगा अब वीरान ,
सोने से बहुत कुछ खोने वाला , अनेक अनहोनिया होने वाली...


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