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तमाचा

                
                                                         
                            इक गरीब सा आदमी है,
                                                                 
                            
उसके चेहरे पर उधारी का तमाचा है,
उसने जिंदगी भर यही तो कमाया है।
कुछ जरूरतों के लिए उसने अपना सबकुछ दांव पर लगाया है ।।

बड़ी मुश्किल से वो हाथ आया है,
बनिये ने फोन कर पुलिस को बुलाया है,
उसे उसकी औकात का दायरा बताया है।
भीड़ से सवाल आया है, क्या गरीबी मिटाने का नारा आया है।।
-रामराज मिश्रा 'राज'
 
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9 महीने पहले

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